Wednesday, May 25, 2011

Never say I love you!

दर्द  में  भी  ये  लब  मुस्कुरा  जाते  हैं
बीते  लम्हें  हमें  जब  भी  याद  आते  हैं
बीते  लम्हें ..........



चंद  लम्हात  के  वास्ते  ही  सही
मुस्कुराकर  मिली  थी  मुझे  ज़िन्दगी
तेरे  आग़ोश  में  दिन  थे  मेरे  कटे
तेरी  बाहों  में  थी  मेरी  राते  कटी 

आज  भी  जब  वो   पल  मुझको  याद  आते  हैं
दिल  से  सारे  ग़मों  को  भुला  जाते  हैं


मेरे  काँधे  पे  सर  को  झुकाना  तेरा
मेरे  सीने  में  खुद  को  छुपाना  तेरा
आके  मेरी  पनाहों  में  शामो  सेहर
कांच  की  तरह  वोह  टूट  जाना  तेरा
आज  भी  जब  वो  मंज़र  नज़र  आते  हैं
दिल  की  वीरानियो  को  मिटा  जाते  हैं



दर्द  में .... बीते  लम्हें 

:'(

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